कोरबा जिले में शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में एक और कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कुणाल दुदावत ने तहसील कार्यालय कटघोरा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 श्रीमती मंजू कृष्णा धिरही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दण्डाधिकारी कटघोरा के समक्ष एक शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि तहसील कार्यालय में नकल जारी करने के बदले आवेदक किशन कुमार से अवैध राशि की मांग की गई। शिकायत के समर्थन में एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की गई थी। मामले की जांच और परीक्षण के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा ने संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए प्रतिवेदन जिला प्रशासन को भेजा।
प्रतिवेदन के परीक्षण के दौरान कलेक्टर कोरबा ने पाया कि संबंधित कर्मचारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत है। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए श्रीमती मंजू कृष्णा धिरही को निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पोंड़ीउपरोड़ा निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्ट आचरण या नागरिकों से अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी शासन व्यवस्था के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
