छत्तीसगढ़ में पहला राज्य स्तरीय AI Conclave, स्कूल शिक्षा में AI के प्रभावी उपयोग की दिशा में बड़ा कदम

Chhattisgarh AI Conclave

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयीन शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय AI Conclave का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक और प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। विभाग के अनुसार, विद्यालयीन शिक्षा के स्तर पर AI के सार्थक उपयोग की पहल करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शाला त्यागी यानी ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विकसित ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का विमोचन किया। यह ऐप स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों की पहचान करने और उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने की दिशा में उपयोगी तकनीकी माध्यम के रूप में काम करेगा। मंत्री ने विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री के जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कॉन्क्लेव से सामने आने वाले तकनीकी समाधान शिक्षकों के लिए सहायक साबित होंगे और विद्यार्थियों के कौशल विकास को गति देंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलजीत सिंह ने कहा कि तकनीकी दौर में AI का उपयोग लोगों के दैनिक जीवन में तेजी से बढ़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय के साथ AI का उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI शिक्षकों का विकल्प नहीं होगा, बल्कि शिक्षकों के कार्य को अधिक प्रभावी बनाने वाले सहायक उपकरण के रूप में उपयोग किया जाएगा।

आयुक्त, समग्र शिक्षा डॉ. किरण कौशल ने कहा कि AI की मदद से प्रदेश में संचालित स्मार्ट क्लास और ICT लैब का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। इसका उद्देश्य तकनीक को शिक्षा से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को सरल, सुगम और अधिक प्रभावी बनाना है।

राज्य स्तरीय AI Conclave में देश और विदेश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और कंपनियों के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। Google, Wadhwani AI, Amazon, Microsoft, Adobe, Khan Academy, Physics Wallah, IIT Bhilai, IIM Raipur, NIT Raipur और CHiPS सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने AI और शिक्षा से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं तथा अपने अनुभव साझा किए।

कॉन्क्लेव में सामने आए नवाचारों, तकनीकी समाधानों और विशेषज्ञों के सुझावों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के लिए एक व्यापक AI रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस रोडमैप के माध्यम से शिक्षकों के लिए AI आधारित सहायक संसाधन विकसित करने, स्मार्ट क्लास और ICT सुविधाओं के बेहतर उपयोग तथा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक मजबूत बनाने की दिशा में आगे की रणनीति तय की जाएगी।