सड़क दुर्घटना बीमा के ₹2 लाख देने होंगे, टाटा एआईजी को राज्य आयोग से झटका

Consumer Protection

छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी की अपील खारिज करते हुए एक मृत बैंक ग्राहक की पत्नी को ₹2 लाख की दुर्घटना बीमा राशि देने का आदेश बरकरार रखा है। मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र के रुपे प्लेटिनम डेबिट कार्ड से जुड़े दुर्घटना बीमा कवर का था। ग्राहक गजेंद्र चंद्राकर की दिसंबर 2020 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी ममता चंद्राकर ने बीमा दावा प्रस्तुत किया, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए दावा अस्वीकार कर दिया कि सूचना निर्धारित 90 दिनों की अवधि के बाद दी गई थी।

आयोग ने पाया कि दुर्घटना, मृत्यु और बीमा कवरेज सभी दस्तावेजों से सिद्ध थे तथा मृतक ने दुर्घटना से पहले आवश्यक बैंकिंग लेनदेन भी किया था। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि केवल सूचना देने में हुई देरी के आधार पर वास्तविक बीमा दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। आयोग ने बीमा कंपनी की अपील खारिज कर जिला आयोग के आदेश को बरकरार रखा और माना कि दावा राशि न देना सेवा में कमी थी।