उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक 14 वर्षीय अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक दुकानदार ने चोरी के संदेह में किशोरी को पहले बाल पकड़कर पूरे गांव में घुमाया और बाद में उसे अपने घर ले जाकर पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्टों में वर्णित तथ्य सही हैं, तो यह अत्यंत चिंताजनक मामला है। आयोग ने इस संबंध में देवरिया के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान किशोरी को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। आरोप है कि गांव में घुमाने के बाद उसे दुकानदार के घर ले जाया गया, जहां उसे पेड़ से बांधकर मारपीट की गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
NHRC ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं मानव गरिमा, बच्चों के अधिकारों और अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। आयोग अब जिला प्रशासन और पुलिस से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगे जांच करेगा।
