छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर रोक से किया इनकार

JUSTICE AMITENDRA KISHORE PRASAD, JUDGE HIGH COURT OF CHHATTISGARH

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की ग्राम पंचायत डिग्गी की सरपंच सीमा बंजारे द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए उनके खिलाफ चल रही अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने कहा कि केवल तकनीकी या प्रक्रियागत आपत्तियों के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई रद्द नहीं की जा सकती, जब तक यह साबित न हो कि उससे संबंधित पक्ष को वास्तविक और गंभीर नुकसान पहुंचा है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि अविश्वास प्रस्ताव की सूचना नियमानुसार नहीं दी गई और उन्हें इसकी जानकारी केवल व्हाट्सएप के माध्यम से मिली। वहीं, राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि प्रस्ताव पर आवश्यक संख्या में पंचों के हस्ताक्षर थे, उनकी विधिवत जांच की गई और सात दिन की वैधानिक नोटिस अवधि का भी पालन किया गया।

रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि सक्षम प्राधिकारी ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 और 1994 के नियमों के अनुसार कार्रवाई की थी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर सकीं कि कथित प्रक्रियागत त्रुटियों से उन्हें कोई वास्तविक पूर्वाग्रह हुआ है। इसी आधार पर अदालत ने याचिका निरस्त कर दी और अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई जारी रखने की अनुमति दे दी।