राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में विभागीय कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और आम जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सचिव सुश्री शम्मी आबिदी, संचालक श्री विनीत नंदनवार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए साइबर खतरों और रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने के लिए मजबूत एवं अभेद्य कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर प्रभावी निगरानी के लिए ई-एचआरएमएस (Electronic Human Resource Management System) पोर्टल विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस पोर्टल पर अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना, अवकाश, विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन तथा अचल संपत्ति से संबंधित जानकारी नियमित रूप से अपडेट रहेगी।
मंत्री ने प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के उन तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, अधीक्षकों, सहायक अधीक्षकों (भू-अभिलेख), राजस्व निरीक्षकों तथा पटवारियों की सूची तलब की है, जो तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान या हल्के में पदस्थ हैं।
नगरीय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मंत्री श्री वर्मा ने सभी आवश्यक सर्वेक्षण कार्य 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर सर्वे पूरा होने से पात्र परिवारों को शीघ्र मालिकाना हक प्रदान किया जा सकेगा।
बैठक में शासकीय भूमि प्रबंधन और राजस्व वृद्धि के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन शासकीय भूमियों की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए तथा संबंधित पक्षों को सूचित किया जाए। साथ ही, लीज पर दी गई भूमि की समीक्षा कर नियमानुसार शुल्क निर्धारण करने के निर्देश दिए गए, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि हो सके।
इसके अतिरिक्त जियो-रेफरेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। राजस्व न्यायालयों में लंबित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और त्रुटि सुधार के मामलों की जिलेवार समीक्षा कर शीघ्र निराकरण करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
