1 min read 0

अदालतों से आगे बढ़कर संवाद की ओर: 90 दिवसीय मध्यस्थता अभियान ने न्याय को दिया मानवीय चेहरा : दुर्ग के 90 दिवसीय मध्यस्थता अभियान ने दिखाया कि हर विवाद का समाधान फैसले से नहीं, बल्कि संवाद, सहमति और विश्वास से भी संभव है। यह पहल केवल मुकदमों के निपटारे तक सीमित नहीं रही, बल्कि न्याय को सामाजिक सद्भाव से जोड़ने का प्रयास बनी।

भारत की न्यायिक व्यवस्था आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां न्याय की उपलब्धता और न्याय की गति, दोनों ही गंभीर चर्चा के विषय हैं। देशभर की अदालतों में करोड़ों मामले लंबित…

1 min read 0

जिला न्यायपालिका: लोकतंत्र की धड़कन और न्याय व्यवस्था की वास्तविक आधारशिला – जब आम नागरिक न्याय की उम्मीद लेकर अदालत की चौखट पर पहुंचता है, तब जिला न्यायपालिका ही संविधान के वादों को वास्तविकता में बदलने का कार्य करती है।

मार्टिन लूथर किंग जूनियर का यह अमर कथन ("Injustice anywhere is a threat to justice everywhere.") केवल एक नैतिक संदेश नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की आत्मा का परिचायक है। किसी भी समाज में…