नीट-यूजी 2026: छह प्रश्नों की उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

Supreme Court of India

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के छह प्रश्नों की आधिकारिक उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतिम उत्तर कुंजी में हस्तक्षेप करने, दोबारा मूल्यांकन कराने या पुनः परीक्षा आयोजित करने का कोई आधार नहीं बनता।

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा 21 जून को आयोजित नीट-यूजी 2026 री-टेस्ट के बाद जारी अंतिम उत्तर कुंजी में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।

याचिका केरल के एक अभ्यर्थी की ओर से दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का दावा था कि एनटीए ने छह प्रश्नों के गलत उत्तरों को सही माना, जिससे अभ्यर्थियों के अंकों का मूल्यांकन प्रभावित हुआ। याचिका में विवादित उत्तरों को संशोधित करने, परिणाम और मेरिट सूची दोबारा जारी करने तथा प्रभावित अभ्यर्थियों को उचित राहत देने की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नों और उत्तरों की शुद्धता तय करना विषय विशेषज्ञों का कार्य है। अदालत सामान्य परिस्थितियों में विशेषज्ञ समितियों की राय पर अपीलीय मंच की तरह पुनर्विचार नहीं करती। न्यायिक हस्तक्षेप केवल उन्हीं मामलों में किया जा सकता है, जहां स्पष्ट मनमानी, दुर्भावना या कानून का प्रत्यक्ष उल्लंघन दिखाई दे।

पीठ ने कहा कि इस मामले में ऐसा कोई ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे अंतिम उत्तर कुंजी में हस्तक्षेप किया जा सके। इसलिए याचिका में मांगी गई सभी राहतें अस्वीकार कर दी गईं।

इस फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर यह सिद्धांत दोहराया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्तर कुंजी और अकादमिक मूल्यांकन से जुड़े मामलों में न्यायालय का हस्तक्षेप सीमित रहेगा, विशेषकर तब जब विशेषज्ञ समिति विवादित प्रश्नों की जांच कर अंतिम उत्तर कुंजी जारी कर चुकी हो।