संविधान हत्या दिवस आज: आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजन, लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प

Samvidhaan Hatya Diwas _ SHD

देशभर में आज संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हुए प्रहार की स्मृति में मनाया जाता है। इस अवसर पर उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही है, जिन्होंने आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगाए गए प्रतिबंधों और सरकारी दमन का सामना किया।

25 जून 1975 को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आंतरिक अशांति का हवाला देते हुए देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की थी। उस समय देश में बढ़ते राजनीतिक असंतोष और न्यायिक घटनाक्रमों के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार की वैधता पर सवाल उठ रहे थे।

आपातकाल लागू होने के बाद केंद्र सरकार को व्यापक कार्यकारी शक्तियां प्राप्त हो गईं और शासन व्यवस्था पर केंद्रीकृत नियंत्रण बढ़ गया। इस दौरान संविधान द्वारा प्रदत्त कई महत्वपूर्ण अधिकारों को निलंबित कर दिया गया। अनुच्छेद 358 के तहत अनुच्छेद 19 में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा करने और देश में स्वतंत्र रूप से आने-जाने जैसे मौलिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई। नागरिकों के लिए इन अधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध न्यायालय जाने का अधिकार भी प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया गया।

आपातकाल के दौरान समाचार पत्रों पर पूर्व सेंसरशिप लागू की गई तथा प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने वाली वैधानिक संस्था भारतीय प्रेस परिषद को भी समाप्त कर दिया गया। इसी अवधि में किए गए संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से राष्ट्रपति द्वारा आपातकाल की घोषणा को न्यायिक समीक्षा से बाहर कर दिया गया तथा प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष के निर्वाचन को भी न्यायालय में चुनौती देने पर रोक लगा दी गई।

आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में संस्कृति मंत्रालय आज नई दिल्ली में वर्षभर चले स्मृति कार्यक्रमों का समापन समारोह आयोजित कर रहा है। इस अवसर पर ‘संविधान हत्या दिवस’ तथा ‘लॉन्ग लिव डेमोक्रेसी’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। साथ ही ‘संविधान हत्या दिवस’ विषय पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।