पशुपालकों के लिए डिजिटल पहल: दुर्ग विश्वविद्यालय ने लॉन्च किया ‘पशु मित्र काल्विंग कैलकुलेटर’ मोबाइल ऐप

Kamdhenu University Durg

दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग ने पशुपालकों और पशु चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए एक उपयोगी डिजिटल पहल की शुरुआत की है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह ने ‘पशु मित्र काल्विंग कैलकुलेटर’ मोबाइल ऐप का आधिकारिक विमोचन किया। यह ऐप कृत्रिम गर्भाधान, प्रजनन प्रबंधन, गर्भ परीक्षण, अनुमानित प्रसव तथा दूध छुड़ाने जैसी महत्वपूर्ण तिथियों की गणना को आसान और अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इस मोबाइल ऐप का निर्माण विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार शिक्षा एवं प्रभारी प्राचार्य, वेटनरी पॉलिटेक्निक महासमुंद, डॉ. मनोज कुमार गेंदले के नेतृत्व में किया गया है। इसके विकास में डॉ. गोविना देवांगन का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। ऐप को इस तरह विकसित किया गया है कि पशुपालक, डेयरी किसान, पशु चिकित्सक और मैत्री कार्यकर्ता पशुओं के प्रजनन चक्र से जुड़ी आवश्यक तिथियों की गणना बिना जटिल प्रक्रिया के कर सकें।

कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह ने कहा कि पशुपालन में समय पर और सही प्रबंधन का सीधा प्रभाव पशु स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता और दुग्ध उत्पादन पर पड़ता है। ऐसे में डिजिटल तकनीक के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रजनन तिथियों की जानकारी उपलब्ध कराना किसानों के लिए व्यावहारिक रूप से काफी उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह ऐप पशुपालकों को सही समय पर आवश्यक निर्णय लेने में सहायता प्रदान करेगा और पशु प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने में योगदान देगा।

डॉ. मनोज कुमार गेंदले के अनुसार, ‘पशु मित्र काल्विंग कैलकुलेटर’ हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें गाय और भैंस के प्रजनन से संबंधित आंकड़ों की सरलता से गणना की जा सकती है। ऐप का इंटरफेस इस उद्देश्य से तैयार किया गया है कि तकनीकी जानकारी की सीमित समझ रखने वाले पशुपालक भी इसका आसानी से उपयोग कर सकें।

डॉ. गोविना देवांगन ने बताया कि ऐप में कृत्रिम गर्भाधान अथवा सर्विस की तिथि दर्ज करने के बाद पशु के अगले प्रजनन चक्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इनमें संभावित रूप से पुनः गर्मी में आने की तिथि, गर्भ परीक्षण की तिथि, अनुमानित प्रसव तिथि और दूध छुड़ाने की तिथि शामिल हैं। इस सुविधा से पशुपालकों को पशु के प्रजनन और दुग्ध उत्पादन चक्र की बेहतर निगरानी करने में मदद मिलेगी।

ऐप की प्रमुख विशेषता इसकी त्वरित गणना सुविधा है। उपयोगकर्ता एक क्लिक के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गणना के बाद प्राप्त तिथियों को व्हाट्सऐप के माध्यम से अन्य संबंधित व्यक्तियों के साथ साझा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे पशुपालक और पशु चिकित्सक एक-दूसरे के साथ प्रजनन प्रबंधन से संबंधित जानकारी आसानी से साझा कर सकेंगे।

पशु प्रजनन प्रबंधन में सही समय पर हस्तक्षेप अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। कृत्रिम गर्भाधान के बाद गर्भधारण की स्थिति, गर्भ परीक्षण और अनुमानित प्रसव की निगरानी से पशु के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल की जा सकती है। इस दृष्टि से यह ऐप पारंपरिक गणना प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम में बदलकर पशुपालकों के लिए एक उपयोगी प्रबंधन उपकरण के रूप में सामने आया है।

विश्वविद्यालय के अनुसार, ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसे पशुपालकों, पशु चिकित्सकों तथा मैत्री कार्यकर्ताओं की व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। ग्रामीण और डेयरी आधारित पशुपालन क्षेत्रों में स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग को देखते हुए इस प्रकार के डिजिटल उपकरण पशु प्रजनन संबंधी जानकारी को अधिक सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विमोचन कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. भानु प्रताप राठिया, अधिष्ठाता डॉ. सुशांत पाल, डॉ. संजय शाक्य, विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ. दिलीप चौधरी, डॉ. मेहताब सिंह परमार, डॉ. गोविना देवांगन, संजीव जैन और अर्चना खोब्रागडे सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित विशेषज्ञ उपस्थित रहे।