बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा में एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट करने, जबरन उसके बाल काटने और सार्वजनिक रूप से घुमाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीर रुख अपनाया है। आयोग ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव और बांसवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कथित घटना 1 सितंबर 2026 को बांसवाड़ा में हुई। आरोप है कि महिला के पति और उसके अन्य रिश्तेदारों ने उसके बाल जबरन काटे और इसके बाद उसे लाठियों से पीटा। इतना ही नहीं, महिला को कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से घुमाया गया और उसके साथ अमानवीय एवं अपमानजनक व्यवहार किया गया।
बताया गया है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ। 4 सितंबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए NHRC ने मामले में हस्तक्षेप किया।
आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पीड़िता के जीवन और गरिमा के अधिकार के गंभीर उल्लंघन का मामला हो सकता है। सार्वजनिक रूप से किसी महिला के साथ हिंसा और अपमानजनक व्यवहार किए जाने के आरोप मानवाधिकारों के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
NHRC ने राजस्थान के मुख्य सचिव और बांसवाड़ा के पुलिस अधीक्षक से मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। रिपोर्ट में जांच की वर्तमान स्थिति, आरोपियों के खिलाफ उठाए गए कदम तथा पीड़िता को दी गई राहत या मुआवजे की जानकारी भी शामिल किए जाने की अपेक्षा की गई है।
आयोग की यह कार्रवाई मामले में जवाबदेही तय करने और पीड़िता के मानवाधिकारों की स्थिति का आकलन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब राज्य प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर NHRC मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।
