iBRICS Summit में जुटेंगे 500 से अधिक निवेशक, नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन से पहले होगा आयोजन

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नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के इतर पहली बार आयोजित किए जा रहे iBRICS Summit में 500 से अधिक संस्थागत निवेशक, वित्त मंत्री और कारोबारी नेता हिस्सा लेंगे।

दो दिवसीय iBRICS Summit का उद्देश्य BRICS सदस्य और साझेदार देशों में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और डिजिटल क्षमता से जुड़ी निवेश योग्य परियोजनाओं के साथ संप्रभु पूंजी को जोड़ना है। सम्मेलन में शामिल होने वाले सॉवरेन वेल्थ फंड, पेंशन फंड और फैमिली ऑफिस सामूहिक रूप से करीब 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन करते हैं।

सम्मेलन में BRICS अर्थव्यवस्थाओं के बीच सीमा-पार निवेश, गैर-डॉलर आधारित भुगतान और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और ब्राजील के Pix जैसे राष्ट्रीय फास्ट-पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने तथा केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (CBDC) के बीच इंटरऑपरेबिलिटी पर भी विचार किया जा सकता है।

यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। अमेरिकी टैरिफ दबाव, बदलते व्यापार समीकरण और डॉलर आधारित क्लियरिंग की बढ़ती लागत के बीच BRICS देश वैकल्पिक वित्तीय और भुगतान व्यवस्थाओं पर जोर दे रहे हैं।

iBRICS Summit का उद्देश्य BRICS सदस्य और साझेदार देशों में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और डिजिटल परियोजनाओं के लिए संस्थागत पूंजी को आकर्षित करना तथा सीमा-पार निवेश को बढ़ावा देना है।

2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में BRICS सदस्य और साझेदार देशों के शीर्ष नेता तथा आउटरीच के तहत आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

भारत की BRICS अध्यक्षता का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Humanity First” यानी “मानवता प्रथम” की भावना पर आधारित जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।