नई दिल्ली में गलत लेबल वाली और मानक गुणवत्ता पर खरी न उतरने वाली दवाओं के अवैध निर्माण एवं वितरण के खिलाफ औषधि नियामक और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अवैध रूप से निर्मित मिसब्रांडेड और नकली दवाओं से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है। ऐसे मामलों में सुराग मिलने पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) दिल्ली पुलिस तथा अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करता है।
इसी सतत निगरानी और प्रवर्तन अभियान के तहत दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इस वर्ष अप्रैल में दिल्ली स्थित एक बिना लाइसेंस वाले परिसर से मिसब्रांडेड और मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाई गई रेबीज वैक्सीन जब्त की थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने पिछले महीने 27 अगस्त को सभी राज्यों के औषधि नियंत्रकों को पत्र भेजकर अपने औषधि निरीक्षक दल को सतर्क करने और संबंधित बैच की वैक्सीन की आवाजाही, वितरण तथा उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
DCGI ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित वैक्सीन के इस बैच का कोई भी हिस्सा किसी अन्य देश को निर्यात नहीं किया गया था। साथ ही, अस्पतालों, क्लीनिकों और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में दी जाने वाली वैक्सीन केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाती है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के साथ-साथ ऐसी दवाओं की आपूर्ति और वितरण श्रृंखला पर भी निगरानी बनाए हुए हैं।
