बेमेतरा में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और प्रभारी सदस्य सरला कोसरिया ने जिला पंचायत सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई की। डॉ. नायक की अध्यक्षता में आयोजित यह राज्य स्तर की 400वीं तथा बेमेतरा जिले की पांचवीं जनसुनवाई थी, जिसमें बेमेतरा और कबीरधाम जिलों के कुल 19 प्रकरणों पर विचार किया गया।
सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण मामले में मृत शिक्षाकर्मी की पत्नी ने रोजगार सहायता की मांग की। आवेदिका ने बताया कि उनके पति का वर्ष 2015 में निधन हो गया था और वह दो बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मानवीय आधार पर उन्हें किसी उपयुक्त विभाग में रोजगार उपलब्ध कराने की अनुशंसा की। जिला पंचायत की उप संचालक भूमिका देशाई ने कलेक्टर से चर्चा कर रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।
एक अन्य मामले में महिला स्व-सहायता समूह के नाम पर लिए गए 12 लाख रुपये के बैंक ऋण की अदायगी नहीं होने का मुद्दा सामने आया। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष ने ऋण चुकाने की बात स्वीकार की, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया है। आयोग को बताया गया कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आरोपी अग्रिम जमानत पर है। आयोग ने आवेदिका को विधिक सहायता लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने की सलाह दी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े एक मामले में आवेदिका ने मकान निर्माण के लिए प्राप्त राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया। आयोग ने उन्हें कलेक्टर कबीरधाम को लिखित शिकायत देने तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की सलाह दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि योजना की राशि का दुरुपयोग करने वालों से राशि की वसूली कराई जा सकती है। साथ ही आवेदिका को थाना लोहारा में शिकायत दर्ज कराने और आवश्यकता पड़ने पर दीवानी न्यायालय की शरण लेने के अधिकार की जानकारी भी दी गई।
जनसुनवाई के दौरान महिला आयोग ने सभी पक्षों को सुनते हुए महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से आवश्यक निर्देश जारी किए। आयोग की इस पहल से पीड़ित महिलाओं को राहत मिलने के साथ ही उनके मामलों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
