बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CGPSC की वर्ष 2020-21 की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकल पीठ ने 16 अक्टूबर 2026 को दिए आदेश में कहा कि उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपी की कथित संलिप्तता की ओर संकेत करती है और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 45 के तहत जमानत की आवश्यक शर्तें पूरी नहीं होतीं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, प्रश्नपत्र लीक और वित्तीय लेन-देन के जरिए लगभग 3.45 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय जुटाई गई। एजेंसी ने ग्रামীण विकास समिति के माध्यम से 45 लाख रुपये के कथित लेन-देन का भी उल्लेख किया है। ये आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।
सोनवानी के अधिवक्ता ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अस्थायी पेसमेकर लगाए जाने का हवाला देते हुए जमानत मांगी थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने माना कि रिकॉर्ड में ऐसा पर्याप्त चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि हिरासत में आवश्यक उपचार उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत याचिका पर फैसला आरोपों की अंतिम दोषसिद्धि नहीं है।
