सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण का बड़ा फैसला: निदेशकों के वेतन पर सेवा कर नहीं

Central Excise and Service Tax Appellate Tribunal - CESTAT

सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (CESTAT) ने थ्रिवेनी अर्थ मूवर्स प्राइवेट लिमिटेड को बड़ी राहत देते हुए कंपनी के पूर्णकालिक निदेशकों (Whole-Time Directors) को दिए गए वेतन और पारिश्रमिक पर लगाए गए सेवा कर (Service Tax) की मांग को रद्द कर दिया है।

न्यायाधिकरण ने कहा कि यदि निदेशक कंपनी के कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहे हैं और उनके वेतन पर आयकर अधिनियम की धारा 192 के तहत टीडीएस काटा जा रहा है, तो उनके और कंपनी के बीच नियोक्ता-कर्मचारी (Employer-Employee) संबंध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में यह भुगतान सेवा कर के दायरे में नहीं आता।

पीठ ने स्पष्ट किया कि लाभ आधारित कमीशन, बोनस या अन्य पारिश्रमिक मिलने से भी निदेशक की कर्मचारी की स्थिति समाप्त नहीं होती। न्यायाधिकरण ने माना कि पूर्णकालिक निदेशक कंपनी के प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक (Key Managerial Personnel) होते हैं और उनकी सेवाएं वित्त अधिनियम, 1994 की धारा 65B(44) के तहत सेवा की परिभाषा से बाहर हैं।

इसी आधार पर CESTAT ने सेवा कर, ब्याज और दंड से संबंधित सभी मांगों को निरस्त करते हुए कंपनी की अपीलें स्वीकार कर लीं। यह फैसला उन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो जीएसटी पूर्व सेवा कर व्यवस्था के तहत निदेशकों के पारिश्रमिक पर कर विवादों का सामना कर रही हैं।