कोलकाता हाई कोर्ट ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई बैंक खातों को एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद फ्रीज किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि शिकायत प्रथम दृष्टया सामान्य और अस्पष्ट प्रतीत होती है तथा उसमें ऐसे ठोस आरोप नहीं हैं जो शुरुआती चरण में इतनी कठोर कार्रवाई को उचित ठहरा सकें।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने फिलहाल खातों को डी-फ्रीज करने से इनकार करते हुए जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई तक जांच में जुटाए गए सभी दस्तावेज और फ्रीज किए गए खातों में उपलब्ध राशि का विवरण अदालत के समक्ष पेश करे। मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी, जब अदालत यह तय करेगी कि खातों पर लगी रोक जारी रखना कानूनी रूप से उचित है या नहीं।
