भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के जनगणना संचालन निदेशालयों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी परिपत्र के अनुसार, आगामी जनगणना के लिए देशभर में हुए प्रशासनिक और क्षेत्राधिकार संबंधी बदलावों का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करना प्राथमिकता होगी।
परिपत्र में बताया गया है कि जनगणना 2027 का पहला चरण, अर्थात् मकान सूचीकरण एवं आवास गणना, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सुविधा के अनुसार आयोजित किया जाएगा। वहीं दूसरा चरण, जनसंख्या गणना, फरवरी 2027 में संपन्न होगा। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के हिमाच्छादित क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में यह कार्य सितंबर 2026 में किया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना की सफलता के लिए देश के सभी प्रशासनिक इकाइयों की सटीक और अद्यतन सूची तैयार करना आवश्यक है। इसके तहत वर्ष 2011 की जनगणना के बाद से 31 दिसंबर 2025 तक हुए सभी प्रशासनिक परिवर्तनों, जैसे नए जिलों और तहसीलों का गठन, सीमाओं में बदलाव, नए गांवों और नगरों की अधिसूचना, पुराने नगरों का निरस्तीकरण, वार्ड परिसीमन तथा नाम परिवर्तन जैसी जानकारियां एकत्र की जाएंगी।
निर्देशों के अनुसार, 1 जनवरी 2010 से 30 जून 2025 तक हुए सभी क्षेत्राधिकार परिवर्तनों का विवरण निर्धारित प्रारूपों में 22 अगस्त 2025 तक भेजना होगा। इसके बाद 1 जुलाई 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक के बदलावों की जानकारी 10 जनवरी 2026 तक उपलब्ध करानी होगी। साथ ही इन सभी जानकारियों को जनगणना विभाग के ऑनलाइन जूरिस्डिक्शनल चेंजेज पोर्टल पर भी अद्यतन करना अनिवार्य होगा।
परिपत्र में विशेष रूप से गांवों और नगरों की सूची को अद्यतन रखने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आबाद और अनाबाद दोनों प्रकार के गांवों तथा उनके हमलेट्स की जानकारी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा शहरी स्थानीय निकायों से वार्ड सीमाओं का भू-स्थानिक डेटा प्राप्त करने और आवश्यक होने पर नक्शों का डिजिटलीकरण करने को भी कहा गया है।
जनगणना आयुक्त कार्यालय ने चेतावनी दी है कि प्रशासनिक इकाइयों की सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या अपूर्णता के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर इस प्रक्रिया की निगरानी करने तथा सभी आवश्यक अधिसूचनाओं को समय पर संकलित करने के निर्देश दिए गए हैं।
