जनगणना 2027 की तैयारी तेज, राज्यों को प्रशासनिक सीमाओं और आधार मानचित्रों के अद्यतन के निर्देश

Government of Chhattisgarh

भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने जनगणना 2027 की तैयारियों को गति देते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को प्रशासनिक सीमाओं के आधार मानचित्रों को अद्यतन करने के निर्देश जारी किए हैं। जारी परिपत्र में कहा गया है कि जनगणना कार्यों के सुचारु संचालन, सटीक भौगोलिक कवरेज और डिजिटल जनगणना प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए राज्यों, जिलों, उप-जिलों, नगरों, वार्डों और गांवों की नवीनतम प्रशासनिक सीमाओं का भू-स्थानिक डेटा अपडेट किया जाना आवश्यक है।

परिपत्र के अनुसार वर्ष 2010 के बाद हुए सभी प्रशासनिक परिवर्तनों, जैसे नए जिले, उप-जिले, गांव, नगर या सीमा संशोधन, को विश्वसनीय सरकारी अभिलेखों के आधार पर मानचित्रों में शामिल किया जाएगा। इसके लिए राजस्व, भूमि अभिलेख, सर्वेक्षण विभाग, एनआईसी के भारत मैप्स और अन्य आधिकारिक स्रोतों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनगणना संगठन ने उप-जिला और शहरी स्थानीय निकायों (ULB) के कार्यशील मानचित्र तैयार करने की विस्तृत प्रक्रिया भी निर्धारित की है। इन मानचित्रों में परिवहन नेटवर्क, नदियां, वन क्षेत्र तथा गांवों और नगरों की सीमाएं स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएंगी। शहरी क्षेत्रों के लिए नवीनतम वार्ड सीमाओं के आधार पर रंगीन मानचित्र तैयार किए जाएंगे, जिनका उपयोग सत्यापन और क्षेत्रीय सीमांकन में किया जाएगा।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि अद्यतन भू-स्थानिक डेटा को जनगणना मानचित्र पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे जिला जनगणना अधिकारियों को आगे के कार्यों में सुविधा मिलेगी। राज्यों को मानचित्रण गतिविधियों की नियमित निगरानी करने तथा प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह जनगणना आयुक्त कार्यालय को भेजने के लिए कहा गया है।

जनगणना 2027 के लिए यह पहल डिजिटल ढांचे को मजबूत करने और देशभर में सटीक एवं त्रुटिरहित जनगणना सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।