छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक सप्ताह में होगी परामर्शदात्री समिति की बैठक

Government of Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लंबित और ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के लिए शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नगरीय निकायों को एक सप्ताह के भीतर परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित कर कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक निर्णय लेने और की गई कार्रवाई से शासन को अवगत कराने को कहा है।

यह निर्देश छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस महासंघ द्वारा शासन को भेजे गए ज्ञापन के बाद जारी किए गए हैं। महासंघ ने नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की थी। ज्ञापन में नियमित अंतराल पर परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने, लंबित मामलों के निराकरण और कर्मचारियों की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

महासंघ ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शासन के समक्ष रखा है। इनमें सातवें वेतनमान और एरियर राशि का भुगतान, स्थानांतरित कर्मचारियों की मूल विभाग में वापसी, नगरीय निकायों के पेंशनरों को महंगाई राहत में वृद्धि, प्रत्येक माह समय पर वेतन भुगतान, पुरानी पेंशन योजना का लाभ, कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, कर्मचारी बीमा योजना का विस्तार तथा लंबित पेंशन और अवकाश नकदीकरण दावों का शीघ्र भुगतान शामिल हैं।

इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का निराकरण, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, नवीन सेटअप की स्वीकृति, समयमान वेतनमान संबंधी आदेशों में संशोधन और एलएसजीडी प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों को नियमानुसार वेतनवृद्धि का लाभ देने जैसी मांगें भी उठाई गई हैं। महासंघ का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान होने से नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक कार्यों की दक्षता भी बढ़ेगी।

राज्य सरकार ने इस मामले को समय-सीमा सूची में शामिल करते हुए सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया है कि वे स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करें और आवश्यकतानुसार नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करें। इससे कर्मचारियों की वर्षों पुरानी कई लंबित मांगों के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।