नई दिल्ली – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित एक आईटी कंपनी के परिसर में संचालित क्रेच में छोटे बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए कर्नाटक के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों से इस पूरे मामले पर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया में प्रकाशित समाचारों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह बच्चों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना का खुलासा तब हुआ जब बाल सहायता हेल्पलाइन के एक अधिकारी को कुछ वीडियो प्राप्त हुए। इन वीडियो में क्रेच में कार्यरत आया (केयरगिवर) द्वारा छोटे बच्चों के साथ कथित रूप से क्रूर और अमानवीय व्यवहार किए जाने के दृश्य दिखाई दिए। बताया गया है कि ये बच्चे उसी आईटी कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों के हैं, जो अपनी ड्यूटी के दौरान उन्हें क्रेच में छोड़कर जाते थे।
एनएचआरसी ने राज्य प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई, बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी रिपोर्ट में उपलब्ध कराने को कहा है।
यह मामला कार्यस्थलों पर संचालित क्रेचों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और देखभाल के मानकों को लेकर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। आयोग की कार्रवाई के बाद अब राज्य सरकार की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
