मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, कृषि, परिवहन, खनन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से शेयर बाजार में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की। इस फैसले से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदारी का अवसर मिलेगा, वहीं कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को भी मजबूती मिलेगी।
कृषि क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रिपरिषद ने खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है। इसके तहत धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें उगाने वाले किसानों तथा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और धान पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा।
कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना खरीद की व्यवस्था को भी मंजूरी दी। इसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेशनल ई-मार्केट प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सेवा शुल्क पर चना खरीदने की अनुमति दी गई है। साथ ही अप्रैल से जून 2026 तक की वर्तमान व्यवस्था को तीन माह के लिए बढ़ाने का भी अनुमोदन किया गया है।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन करने की मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि योग आयुष प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है और इसके शैक्षणिक, प्रशिक्षण तथा अनुसंधान कार्यों का बेहतर संचालन चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से संभव होगा।
शहरी परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट को भारत सरकार को भेजने की अनुमति प्रदान की। इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का दावा है कि इससे नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी तथा प्रदूषण में कमी आएगी।
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का निर्णय भी लिया। इससे भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति मिलेगी और नवा रायपुर के नियोजित विकास तथा आधारभूत संरचना विस्तार को मजबूती मिलेगी।
खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। नए प्रावधानों के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग और वाहन ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य होगी। इसके साथ ही खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। भंडारण अनुज्ञापत्रधारियों से लिए जाने वाले शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी वृद्धि की गई है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।
