दिल्ली हाईकोर्ट ने जज पर आपत्तिजनक वीडियो हटाने का दिया आदेश, अवमानना मामले में नोटिस जारी

Delhi High Court

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में उन वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया है, जिनमें एक मौजूदा हाईकोर्ट जज को साकेत भवन ढहने की घटना में छह लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। कोर्ट ने संबंधित सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करने पर भी विचार करने की बात कही।

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने कहा कि इस तरह की सामग्री न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचाती है और जनता के विश्वास को कमजोर करती है। कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें स्पष्ट रूप से भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए अधिक सक्रिय होना चाहिए।

यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) द्वारा मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कपिल काकर के खिलाफ दायर आपराधिक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया। अदालत ने डॉ. काकर को नोटिस जारी करते हुए मामले की आगे सुनवाई तय की है।