Justice Sanjay K Agrawal Biography: राजस्थान हाईकोर्ट के Chief Justice बनेंगे जस्टिस संजय के. अग्रवाल, जानिए शिक्षा, करियर और न्यायिक सफर

JUSTICE SANJAY K. AGRAWAL, JUDGE HIGH COURT OF CHHATTISGARH

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल (Justice Sanjay K. Agrawal) को लेकर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक महत्वपूर्ण सिफारिश की है। कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of Rajasthan High Court) नियुक्त करने की सिफारिश की है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में यह सिफारिश की गई। इसी तारीख को जारी एक अलग प्रस्ताव में कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल का छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट तबादला करने की भी सिफारिश की है।

जस्टिस अग्रवाल का राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में प्रस्तावित elevation छत्तीसगढ़ की न्यायिक और कानूनी बिरादरी के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनका तीन दशक से अधिक लंबा कानूनी और न्यायिक करियर छत्तीसगढ़ से गहराई से जुड़ा रहा है।

कौन हैं जस्टिस संजय के. अग्रवाल?

जस्टिस संजय के. अग्रवाल का जन्म 15 जुलाई 1965 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर क्षेत्र के रतनपुर में हुआ था। उनके पिता का नाम वीरेंद्र अग्रवाल और माता का नाम चमेली अग्रवाल है।

उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा रतनपुर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कानून और विज्ञान की उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से Bachelor of Science (B.Sc.) और Bachelor of Laws (LL.B.) की डिग्री प्राप्त की।

इसके बाद उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से Master of Laws (LL.M.) की पढ़ाई पूरी की।

उनकी शिक्षा और कानून के क्षेत्र में शुरुआती अनुभव ने आगे चलकर उन्हें सिविल और संवैधानिक मामलों में मजबूत आधार दिया।

1989 में शुरू किया वकालत का सफर

जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने 3 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में अपना नामांकन कराया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न न्यायालयों में वकालत की।

उन्होंने शुरुआत में जिला एवं सत्र न्यायालय, बिलासपुर में प्रैक्टिस की। इसके बाद वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर और फिर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में वकालत करने लगे।

उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से सिविल लॉ और संवैधानिक कानून से जुड़े मामलों में रही।

अपने लंबे कानूनी करियर के दौरान उन्होंने कई सरकारी संस्थाओं, सार्वजनिक उपक्रमों, वैधानिक निकायों, बैंकों और प्रमुख संगठनों का प्रतिनिधित्व किया।

इनमें प्रमुख रूप से:

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC)
  • इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलाधिपति
  • भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)
  • बार काउंसिल ऑफ इंडिया
  • भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL)
  • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL)
  • स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)
  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
  • केनरा बैंक
  • देना बैंक
  • रायपुर नगर निगम
  • बिलासपुर नगर निगम

इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के विभिन्न निगमों, बोर्डों और प्राधिकरणों से जुड़े मामलों में भी पैरवी की।

सिविल और संवैधानिक मामलों में रहा व्यापक अनुभव

Justice Sanjay K. Agrawal का कानूनी करियर सिविल और संवैधानिक मामलों से विशेष रूप से जुड़ा रहा है।

सरकारी विभागों, सार्वजनिक संस्थाओं और विभिन्न वैधानिक निकायों की ओर से पैरवी करने के कारण उन्हें संवैधानिक प्रावधानों, वैधानिक व्याख्या, प्रशासनिक निर्णयों और पब्लिक लॉ से जुड़े मामलों में व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ।

विभिन्न न्यायालयों में लंबे समय तक प्रैक्टिस करने के बाद वे छत्तीसगढ़ के प्रमुख कानून अधिकारियों में शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ के Advocate General भी रहे

जस्टिस संजय के. अग्रवाल के कानूनी करियर में Advocate General of Chhattisgarh के रूप में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

उन्होंने 1 मार्च 2002 से 29 फरवरी 2004 तक छत्तीसगढ़ राज्य के Deputy Advocate General के रूप में कार्य किया।

बाद में वे राज्य के शीर्ष कानून अधिकारी के पद पर लौटे और 25 जून 2012 को छत्तीसगढ़ के Advocate General नियुक्त किए गए।

हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति तक उन्होंने इस पद पर कार्य किया। Advocate General के रूप में उन्होंने राज्य सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक और कानूनी मामलों में हाईकोर्ट के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार का प्रतिनिधित्व किया।

Legal Education और Law Reporting से भी जुड़े रहे

जस्टिस संजय के. अग्रवाल का जुड़ाव केवल न्यायिक और कानूनी मामलों तक सीमित नहीं रहा। वे हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), रायपुर की Executive Council के Ex-Officio Member भी रहे।

इसके अलावा वे Indian Law Reports Committee (Chhattisgarh Series) के सदस्य रहे और Chhattisgarh Law Judgments की Editorial Board में भी शामिल रहे।

इन जिम्मेदारियों के माध्यम से उनका जुड़ाव कानूनी शिक्षा, कानून की रिपोर्टिंग और legal scholarship से भी रहा।

Mediation का भी अनुभव

हाईकोर्ट के न्यायाधीश बनने से पहले जस्टिस अग्रवाल Alternative Dispute Resolution (ADR) से भी जुड़े रहे।

उन्होंने Chhattisgarh C.P.C. Alternative Disputes Resolution and Mediation Rules, 2006 के तहत mediator के रूप में भी कार्य किया।

इस अनुभव ने उन्हें पारंपरिक मुकदमेबाजी के अलावा विवादों के वैकल्पिक समाधान की प्रक्रिया से भी जोड़ा।

2013 में बने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज

Justice Sanjay K. Agrawal को 16 सितंबर 2013 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का Additional Judge नियुक्त किया गया।

इसके बाद 8 मार्च 2016 को उन्हें हाईकोर्ट का Permanent Judge बनाया गया।

तब से वे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं और विभिन्न सिविल, संवैधानिक तथा अन्य कानूनी मामलों की सुनवाई कर चुके हैं।

अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उनके न्यायिक करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है।

Rajasthan High Court में होगा Transfer

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को जारी अपने अलग प्रस्ताव में जस्टिस संजय के. अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की सिफारिश की है।

इसी दिन कॉलेजियम ने उन्हें Rajasthan High Court का Chief Justice नियुक्त करने की भी सिफारिश की।

इस तरह कॉलेजियम की दोनों सिफारिशों को साथ देखा जाए तो जस्टिस अग्रवाल का राजस्थान हाईकोर्ट में तबादला और उसके बाद उसी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति प्रस्तावित है।

Chhattisgarh Legal Community के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

जस्टिस संजय के. अग्रवाल का पूरा पेशेवर सफर छत्तीसगढ़ से गहराई से जुड़ा रहा है।

रतनपुर में जन्म, बिलासपुर में कानूनी शिक्षा और वकालत, छत्तीसगढ़ सरकार के Deputy Advocate General और Advocate General के रूप में जिम्मेदारी तथा इसके बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सेवा, उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ाव रहे हैं।

ऐसे में राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी प्रस्तावित नियुक्ति छत्तीसगढ़ की कानूनी बिरादरी के लिए विशेष महत्व रखती है।

Justice Sanjay K. Agrawal Career Timeline

वर्ष/तारीखमहत्वपूर्ण पड़ाव
15 जुलाई 1965रतनपुर, बिलासपुर क्षेत्र में जन्म
शैक्षणिक योग्यताB.Sc. और LL.B., गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर
LL.M.पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर
3 जनवरी 1989अधिवक्ता के रूप में नामांकन
1 मार्च 2002 – 29 फरवरी 2004Deputy Advocate General, छत्तीसगढ़
25 जून 2012Advocate General, छत्तीसगढ़
16 सितंबर 2013छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के Additional Judge नियुक्त
8 मार्च 2016Permanent Judge नियुक्त
31 अगस्त 2026राजस्थान हाईकोर्ट में तबादले की सिफारिश
31 अगस्त 2026राजस्थान हाईकोर्ट के Chief Justice के रूप में नियुक्ति की सिफारिश

Ratanpur से Rajasthan High Court तक लंबा सफर

Justice Sanjay K. Agrawal का कानूनी और न्यायिक सफर वर्ष 1989 में अधिवक्ता के रूप में शुरू हुआ था। जिला अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक वकालत करने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के Deputy Advocate General और फिर Advocate General के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के Additional Judge और वर्ष 2016 में Permanent Judge बनने के बाद उनका न्यायिक करियर आगे बढ़ा।

अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद Justice Sanjay K. Agrawal के Rajasthan High Court के Chief Justice बनने का रास्ता खुल गया है।

उनका प्रस्तावित तबादला और Chief Justice के रूप में नियुक्ति छत्तीसगढ़ के न्यायिक इतिहास में उनके लंबे योगदान और उनके तीन दशक से अधिक के कानूनी सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।