नीट-यूजी पेपर लीक: सुधारों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एनटीए से मांगा विस्तृत हलफनामा

Supreme Court of India

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद परीक्षा प्रणाली में किए जा रहे सुधारों की प्रगति पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुधार केवल अस्थायी उपायों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें संस्थागत रूप देकर स्थायी व्यवस्था के रूप में लागू किया जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि हलफनामे में यह स्पष्ट किया जाए कि सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। पीठ ने यह भी कहा कि वह इस मामले की नियमित निगरानी करेगी और समय-समय पर सुधारों की प्रगति की समीक्षा करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा कि देशभर में परीक्षाओं को पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली में स्थानांतरित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार “सामान्य प्रयासों से कहीं अधिक” काम कर रही है। उन्होंने व्यापक और विस्तृत पक्ष रखने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध भी किया।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है, जिसमें केंद्र और एनटीए द्वारा प्रस्तुत हलफनामों पर विचार किया जाएगा।