दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रथम और तृतीय शनिवार की नियमित कोर्ट बैठकें फिलहाल टालीं

Delhi High Court

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को नियमित न्यायालयीन कार्य दिवस बनाने के अपने पूर्व निर्णय के क्रियान्वयन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह निर्णय तब तक प्रभावी नहीं होगा, जब तक मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित की जाने वाली समिति इस प्रस्ताव से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती।

हाईकोर्ट द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को आयोजित फुल कोर्ट की बैठक में 22 दिसंबर 2025 के उस प्रस्ताव को, जिसकी अधिसूचना 15 जनवरी 2026 को जारी की गई थी, फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। उस प्रस्ताव के तहत प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को नियमित अदालतें संचालित किए जाने का प्रावधान किया गया था।

अधिसूचना में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित समिति प्रस्ताव की प्रशासनिक व्यवहार्यता, न्यायिक कार्यभार, आधारभूत संरचना, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों और वादकारियों पर संभावित प्रभाव सहित सभी संबंधित पहलुओं की समीक्षा करेगी। समिति की अनुशंसाओं के आधार पर फुल कोर्ट इस विषय पर अंतिम निर्णय लेगा।

जब तक समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करती और फुल कोर्ट अंतिम निर्णय नहीं लेता, तब तक दिल्ली हाईकोर्ट की वर्तमान कार्यप्रणाली और न्यायालयीन कार्य दिवसों का कार्यक्रम यथावत लागू रहेगा।