रायपुर: छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA) ने प्लॉट खरीदारों के हित में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए जे.आर.एस. डेवलपर्स को खरीदार को 4.94 लाख रुपये वापस करने का निर्देश दिया है। मामला रायपुर के नरदहा स्थित निर्वाणा गार्डन फेज-3 परियोजना से जुड़ा है, जहां खरीदार ने वर्ष 2019 में प्लॉट बुक कराया था, लेकिन बाद में स्वास्थ्य और व्यक्तिगत कारणों से सौदा पूरा नहीं कर सका।
खरीदार का आरोप था कि उसने कुल 6.60 लाख रुपये जमा किए, लेकिन बिल्डर ने केवल 1 लाख रुपये लौटाए और शेष राशि देने से इनकार कर दिया। वहीं, बिल्डर ने अनुबंध की शर्तों का हवाला देते हुए 25 प्रतिशत राशि काटने का दावा किया।
सुनवाई के दौरान RERA ने पाया कि बिल्डर शेष 3.95 लाख रुपये नकद लौटाने का कोई दस्तावेजी प्रमाण पेश नहीं कर सका। प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के Godrej Projects Ltd. मामले के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अधिकतम 10 प्रतिशत कटौती ही की जा सकती है। इसी आधार पर RERA ने 6.60 लाख रुपये में से 10 प्रतिशत कटौती के बाद 5.94 लाख रुपये लौटाने योग्य माना। पहले लौटाए गए 1 लाख रुपये समायोजित करने के बाद बिल्डर को शेष 4.94 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया।
यह फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्पष्ट हुआ है कि बिल्डर अनुबंध की कठोर शर्तों के आधार पर मनमानी कटौती नहीं कर सकते और उन्हें RERA अधिनियम, 2016 तथा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
