कानून एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग और विधायी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर 2026 का आयोजन कल से राजस्थान के माउंट आबू में किया जाएगा। दो दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्देश्य मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा करना, महत्वपूर्ण कानूनी एवं संस्थागत सुधारों पर विचार-विमर्श करना तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप एक आधुनिक, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था के निर्माण के लिए भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना है।
मंत्रालय के अनुसार, इस चिंतन शिविर में कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल होंगे। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के बीच व्यापक विचार-विमर्श होगा, जिसमें न्यायिक प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
शिविर के दौरान विधिक प्रशासन, वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर), विधायी सुधार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग, प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन, क्षमता निर्माण तथा प्रशासनिक उत्कृष्टता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विषयगत प्रस्तुतियां और मंथन सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन चर्चाओं का उद्देश्य न्यायिक एवं विधिक व्यवस्था में व्यावहारिक सुधारों की पहचान करना और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना है।
कानून एवं न्याय मंत्रालय का मानना है कि तेजी से बदलते डिजिटल और प्रशासनिक परिवेश में कानूनी ढांचे को अधिक सक्षम, पारदर्शी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आयोजित यह चिंतन शिविर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, नीतिगत नवाचारों को प्रोत्साहित करने तथा संस्थागत दक्षता में सुधार लाने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
यह आयोजन विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में कानूनी सुधारों और सुशासन को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, उत्तरदायी और नागरिक हितैषी बनाने में सहायता मिलेगी।
