नई दिल्ली : भारत के निर्वाचन आयोग ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के भीतर संगठनात्मक चुनाव और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं को लेकर चल रहे विवाद पर दोनों पक्षों से जवाब तलब किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के भीतर उठे दावों और प्रतिदावों के संबंध में दोनों गुटों को अपना पक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बयान के अनुसार, पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी नेता ऋतब्रत बनर्जी को अलग-अलग पत्र भेजे गए हैं। दोनों पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे सोमवार शाम 5:30 बजे तक अपना जवाब आयोग को उपलब्ध कराएं।
यह विवाद तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे तथा निर्वाचन आयोग के समक्ष पार्टी की ओर से अधिकृत रूप से कार्य करने के अधिकार को लेकर सामने आया है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में अलग-अलग दावे प्रस्तुत कर रहे हैं।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि ऐसे मामलों का निपटारा निर्वाचन चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। इस प्रक्रिया में आयोग संबंधित पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों, साक्ष्यों और लिखित प्रस्तुतियों का परीक्षण करता है तथा आवश्यक होने पर सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद निर्णय लेता है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसने अभी तक किसी भी पक्ष के दावों की वैधता या विवाद के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। फिलहाल दोनों पक्षों से लिखित जवाब प्राप्त होने के बाद ही मामले में आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
