विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पर JPC की पहली बैठक, गृह मंत्रालय ने दी प्रावधानों की जानकारी

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S. A. Dubeylislink91@gmail.comEdit Profile

नई दिल्ली में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की जांच के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की पहली बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। लोकसभा सांसद संजय जायसवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में गृह मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने समिति के सदस्यों को विधेयक के प्रमुख प्रावधानों के बारे में जानकारी दी।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए समिति के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने बताया कि समिति के सदस्यों ने विधेयक से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर कई सवाल पूछे और मंत्रालय के अधिकारियों से आवश्यक स्पष्टीकरण मांगे।

संयुक्त संसदीय समिति में लोकसभा के 21 सदस्य शामिल हैं, जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नामित किया गया है। इसके अलावा राज्यसभा के 10 सदस्य समिति का हिस्सा हैं।

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजने के प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों ने 12 अगस्त को मंजूरी दी थी। इसके बाद समिति को विधेयक के प्रावधानों का विस्तार से परीक्षण करने और आवश्यक सुझाव एवं सिफारिशें देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह विधेयक विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इसका प्रमुख उद्देश्य भारत में विदेशी अंशदान प्राप्त करने और उसके उपयोग की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है।

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत विदेशी धन प्राप्त करने और उसके उपयोग को नियंत्रित किया जाता है। प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से विदेशी अंशदान के इस्तेमाल से जुड़े नियामकीय प्रावधानों को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

संयुक्त संसदीय समिति आगामी बैठकों में विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत विचार-विमर्श करेगी। समिति की जांच और सिफारिशों के बाद विधेयक पर संसद में आगे की प्रक्रिया तय होगी।