नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी के निधन और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने को लेकर अपना पक्ष रखा है। रविवार को मीडिया को जानकारी देते हुए डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि दादी के निधन की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी अभिजीत दीपके के पास पहुंचे थे और उन्हें इसकी जानकारी देने के साथ हरसंभव सहायता की पेशकश की थी।
डीसीपी नेहा यादव के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने अभिजीत दीपके से कई बार पूछा कि क्या वह अपने माता-पिता से बात करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने की अनुमति नहीं देने के संबंध में पुलिस ने कहा कि निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। डीसीपी ने पूर्व में दिए गए आश्वासनों और निर्देशों के अनुपालन में कथित कमी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लागू कानूनों एवं दिशा-निर्देशों के अनुपालन से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ मौजूदा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, धरने की अनुमति से संबंधित निर्णय निर्धारित प्रक्रियाओं और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के आधार पर लिया गया।
