तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ, उद्योग विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नेतृत्व, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग की चुनौतियों के लिए किया प्रेरित
भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (आईआईएम रायपुर) ने अपने प्रतिष्ठित एमबीए बैच 2026-28 और पीएचडी बैच 2026 के स्वागत के लिए तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में उद्योग जगत के प्रमुख विशेषज्ञों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और नवप्रवेशी विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में अमेरिका स्थित एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक जी. एस. राव ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की, जबकि वनमैग्निफाई इंडिया के प्रबंध निदेशक वेंकटेश किडांबी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. संजीव पराशर ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें प्रबंधन शिक्षा के साथ आने वाले अवसरों, चुनौतियों तथा उत्तरदायित्वों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संस्थान शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने वाले भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
प्रवेश समिति के अध्यक्ष प्रो. आर. के. जना ने नए एमबीए बैच की विविधता और शैक्षणिक गुणवत्ता की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष देश के 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कुल 336 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इनमें 110 विद्यार्थियों के पास पूर्व कार्यानुभव है, जबकि 226 विद्यार्थी नवस्नातक हैं। उन्होंने बताया कि पूरे बैच का औसत कैट पर्सेंटाइल 89.56 रहा है तथा 10 विद्यार्थियों ने 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
संस्थान ने पीएचडी बैच 2026 के 13 नए शोधार्थियों का भी स्वागत किया। इन शोधार्थियों का चयन ऑपरेशंस मैनेजमेंट एवं डिसीजन साइंसेज़, मानव संसाधन प्रबंधन एवं संगठनात्मक व्यवहार, विपणन, वित्त एवं लेखा तथा रणनीति एवं उद्यमिता जैसे प्रमुख शोध क्षेत्रों के लिए किया गया है। चयनित शोधार्थी आईआईएम अहमदाबाद, आईआईएम लखनऊ, आईआईएम अमृतसर, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी खड़गपुर, एनआईटी रायपुर और आईआईएसईआर तिरुपति जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से आए हैं।
तकनीकी सत्र में एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक जी. एस. राव ने तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में अनुकूलनशीलता, निरंतर सीखने और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य के नेताओं की सफलता केवल तकनीकी दक्षता पर नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण निर्णय, ईमानदारी और सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने की क्षमता पर भी निर्भर करेगी।
मुख्य वक्ता वेंकटेश किडांबी ने भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति और वैश्विक व्यापार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु, धैर्यवान और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि वे ऐसे समय में अपनी प्रबंधन शिक्षा शुरू कर रहे हैं जब तकनीक उद्योगों को अभूतपूर्व गति से बदल रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आईआईएम रायपुर में उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने और केवल सफल करियर ही नहीं, बल्कि समाज के लिए सार्थक विरासत बनाने का आह्वान किया।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के आगामी सत्रों में शैक्षणिक परिचय, संकाय सदस्यों के साथ संवाद, छात्र सहभागिता गतिविधियाँ और संस्थागत परिचय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे नवागंतुक विद्यार्थियों को आईआईएम रायपुर के शैक्षणिक और अनुशासित वातावरण से परिचित होने में सहायता मिलेगी।
