दार्जिलिंग जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण आदेश में अमेज़न सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत विक्रेता को उपभोक्ता को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता को ऑर्डर किए गए कैमरे के बजाय दूसरा मॉडल भेजा गया और उत्पाद वापस लेने के बावजूद रिफंड नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता ने फरवरी 2025 में लगभग 1.43 लाख रुपये का फुजीफिल्म एक्स-टी5 कैमरा खरीदा था। डिलीवरी मिलने पर पता चला कि भेजा गया उत्पाद अलग मॉडल का था। शिकायत करने पर कंपनी ने उत्पाद वापस ले लिया, लेकिन बाद में यह कहते हुए रिफंड देने से इनकार कर दिया कि लौटाया गया सामान सही नहीं था। शिकायतकर्ता ने ईमेल, फोटो और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से अपने दावे का समर्थन किया।
मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई प्रभावी जवाब दाखिल किया। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और दस्तावेजों का कोई खंडन नहीं किया गया है, इसलिए उसके दावों पर विश्वास करने का पर्याप्त आधार मौजूद है।
आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का मामला मानते हुए विपक्षी पक्षों को 45 दिनों के भीतर कैमरे की कीमत 1.43 लाख रुपये लौटाने का निर्देश दिया। इसके अलावा 2 लाख रुपये मानसिक प्रताड़ना के लिए, 1 लाख रुपये सेवा में कमी और लापरवाही के लिए तथा 25 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने का आदेश दिया गया। आयोग ने यह भी कहा कि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ता आदेश के निष्पादन की कार्रवाई कर सकता है।
यह फैसला ऑनलाइन खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला माना जा रहा है और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि गलत उत्पाद की डिलीवरी और रिफंड विवादों में उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
