प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना: रायपुर में आज राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम, पीएम मोदी वर्चुअली होंगे शामिल

Chhattisgarh Government

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के सफल क्रियान्वयन के उपलक्ष्य में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा आज शाम 4 बजे एम्स सभागार, रायपुर में एक भव्य राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। देशव्यापी उत्सव के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे और देशभर के लाभार्थियों को संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान योजना के पात्र लाभार्थियों एवं नियोक्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि नव-नियुक्त युवाओं को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति-पत्र सौंपेंगे, जो उनके औपचारिक रोजगार क्षेत्र में प्रवेश का प्रतीक होगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओमप्रकाश चौधरी, वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ ने इस रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन योजना के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 11,421 नए कर्मचारियों को योजना का लाभ मिला है और उनके खातों में 5.37 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। वहीं 900 नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए 16.33 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया गया है।

रायपुर के क्षेत्रीय कार्यक्रम के समानांतर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन होगा, जहां प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से देशभर के पात्र लाभार्थियों को लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे। इस अवसर पर देशभर के 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित लगभग 70,000 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। विज्ञान भवन से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी केंद्रों पर किया जाएगा।

भारत सरकार की रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन योजना लगभग 99,446 करोड़ रुपये के बजट के साथ दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। योजना के तहत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को वेतन आधारित प्रोत्साहन दिया जाता है, जबकि अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले ईपीएफओ पंजीकृत नियोक्ताओं को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। मार्च 2026 तक के राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, योजना के माध्यम से देशभर में लाखों कर्मचारियों और हजारों संस्थानों को लाभ पहुंचाते हुए 6.46 लाख से अधिक अतिरिक्त रोजगार सृजित किए जा चुके हैं। यह पहल रोजगार के औपचारीकरण और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार के साथ विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।