नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे आंतरिक विवाद के बीच पार्टी के प्रतिद्वंद्वी गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। इस फैसले के बाद ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट आगामी उपचुनाव अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह के तहत लड़ सकेंगे।
चुनाव आयोग ने अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया गया है।
अपने आदेश में चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में माना जाएगा।
यह फैसला चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश के एक दिन बाद आया है, जिसमें पार्टी पर नियंत्रण को लेकर चल रहे आंतरिक विवाद के बीच ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया गया था।
अब दोनों गुट आगामी उपचुनावों में अपने नए नाम और चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरेंगे। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव अगले महीने की 6 तारीख को होने हैं।
चुनाव आयोग के इस फैसले का आगामी उपचुनावों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। मतदाताओं के सामने दोनों गुट अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ेंगे, जिससे पार्टी के भीतर चल रहे विवाद का चुनावी स्वरूप भी स्पष्ट हो गया है।
