कोरबा में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, 5.77 लाख से अधिक मामलों का निराकरण

The Rajpatra Law

कोरबा, 12 सितंबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती नीता यादव के मार्गदर्शन में कोरबा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का आयोजन वर्चुअल एवं भौतिक, दोनों माध्यमों से किया गया।

नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ श्रीमती नीता यादव ने किया। इस अवसर पर न्यायाधीशगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव, लीगल एड डिफेंस कौंसिल, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, पैरालीगल वालंटियर्स तथा आमजन एवं पक्षकार उपस्थित रहे। सर्वोच्च न्यायालय से लेकर जिला एवं तहसील स्तर तक विभिन्न न्यायालयों में लोक अदालत का आयोजन किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय कोरबा तथा तालुका विधिक सेवा समितियों कटघोरा, करतला और पाली में लंबित दांडिक, सिविल, मोटर दुर्घटना दावा, राजस्व तथा प्री-लिटिगेशन से संबंधित 5,72,560 प्रकरण निराकरण के लिए चिन्हित किए गए थे। नेशनल लोक अदालत के लिए कुल 49 खंडपीठों का गठन किया गया।

लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निराकरण किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 5,77,584 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इनमें प्री-लिटिगेशन के मामले भी शामिल रहे। विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों में से 5,024 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जबकि राजस्व न्यायालयों के 25,497 प्रकरणों का भी निपटारा किया गया।

लोक अदालत में आपराधिक राजीनामा योग्य प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा मामले, धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित चेक बाउंस प्रकरण, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, बैंक ऋण वसूली, धन वसूली, विद्युत एवं टेलीफोन बिल, भूमि अधिग्रहण, राजस्व मामलों सहित अन्य राजीनामा योग्य मामलों की सुनवाई की गई।

लोक अदालत परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल

नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा स्टॉल एवं हेल्प डेस्क लगाए गए। इन स्टॉल के माध्यम से हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई तथा आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया।

जिला आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें न्यायालयीन कर्मचारियों, पक्षकारों और अधिवक्ताओं सहित 203 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। मरीजों को आयुर्वेदिक औषधियां भी निःशुल्क वितरित की गईं। शिविर में हृदय रोग, उदर रोग, सर्दी-जुकाम, खांसी, वातरोग, मधुमेह और अर्श आदि से संबंधित मरीजों को उपचार एवं औषधियां प्रदान की गईं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्प डेस्क के माध्यम से पक्षकारों को संबंधित न्यायालयों तक पहुंचने में सहायता दी गई। वहीं, वन विभाग कोरबा द्वारा पौधे उपलब्ध कराए गए। लोक अदालत में मामलों के निराकरण के बाद न्यायाधीशों द्वारा पक्षकारों को पौधे भेंट किए गए, जिससे न्याय के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम में श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश, श्रीमती ममता भोजवानी, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, श्री सुनील कुमार नन्दे, तृतीय अपर जिला न्यायाधीश, श्री अविनाश तिवारी, श्रम न्यायाधीश, सुश्री सीमा प्रताप चन्द्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), कु. मयूरा गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कु. डिम्पल, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, बैंक अधिकारियों तथा अन्य शासकीय विभागों के सहयोग और समन्वय से नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।