कोण्डागांव के गरांजी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, छात्राओं को मौलिक अधिकार, बाल विवाह और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी

The Rajpatra Law

कोण्डागांव। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी तथा तालुका विधिक सेवा समिति नारायणपुर के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार ठाकुर के आदेशानुसार 1 सितंबर 2026 को शासकीय बुनियादी कन्या शिक्षा परिसर, गरांजी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश श्रीमती बरखा रानी वर्मा ने छात्राओं को भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार तथा गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार सहित नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के मूल अधिकार का लाभ दिलाने के लिए उन्हें विद्यालय भेजना माता-पिता एवं अभिभावकों का महत्वपूर्ण दायित्व है। साथ ही बाल विवाह प्रतिषेध कानून के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के लिए लड़कियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है।

श्रीमती वर्मा ने छात्राओं को मोबाइल फोन के सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक उपयोग, साइबर सुरक्षा तथा यातायात नियमों के संबंध में भी जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और इंटरनेट के असावधानीपूर्ण उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।

शिविर में प्रतिधारक अधिवक्ता श्री चंद्र प्रकाश कश्यप ने शोषण के विरुद्ध संवैधानिक अधिकार, बाल श्रम निषेध तथा 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को जोखिमपूर्ण कार्यों में नियोजित नहीं किए जाने संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन, मातृत्व लाभ योजनाओं तथा हिन्दू उत्तराधिकार कानून के अंतर्गत पुत्र और पुत्री को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।

उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के संबंध में भी विस्तार से बताया और जरूरतमंद लोगों को विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर अधिकार मित्र श्री घासी राम नेताम एवं श्रीमती मनीषा बघेल ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की विभिन्न योजनाओं के संबंध में छात्राओं को जानकारी दी।

विधिक साक्षरता शिविर में श्री राम लाल देवांगन, व्याख्याता तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए आवश्यक विधिक जानकारी प्रदान करना रहा।