छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रायपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई। इस पहल के साथ छत्तीसगढ़ ऐसा कानून लाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य निवेशकों और उद्यमियों के लिए व्यापार एवं औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाना है। इसके तहत विभिन्न अनुमतियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को पारदर्शी, पूर्णतः डिजिटल तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का प्रावधान किया गया है।
विधेयक में डीम्ड अनुमति (निर्धारित अवधि में स्वीकृति न मिलने पर स्वतः अनुमति), स्व-प्रमाणन, तृतीय-पक्ष सत्यापन, जोखिम-आधारित निरीक्षण तथा दोहराए जाने वाले लाइसेंसों की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन सुधारों से अनावश्यक प्रक्रियागत बाधाएं कम होंगी और उद्योगों को अधिक सुगम कारोबारी वातावरण उपलब्ध होगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योग के लिए एक अधिक आकर्षक एवं प्रतिस्पर्धी राज्य के रूप में उभर सकेगा।
