कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद: प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट कर सकता है मामला हाईकोर्ट वापस

Supreme Court of India

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को संकेत दिया कि कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधित्व करने के अधिकार से जुड़े मुद्दे को इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस भेजा जा सकता है।

न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ कृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े वाद संख्या-1 के वादकारियों की अपील पर सुनवाई कर रही थी। इस वाद में विवादित स्थल से शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई है। अपील में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत वाद संख्या-17 के वादकारियों को भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों की ओर से प्रतिनिधि के रूप में मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि प्रतिनिधि क्षमता के प्रश्न पर निर्णय लेने से पहले हाईकोर्ट ने सभी संबंधित वादकारियों को उचित नोटिस दिया था या नहीं। न्यायमूर्ति संजय कुमार ने संकेत दिया कि मामले को दोबारा विचार के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजा जा सकता है, ताकि सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर मिल सके।

वाद संख्या-1 के वादकारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान पेश हुए। पीठ ने उनसे पक्षकारों के बीच कथित समझौता वार्ता के संबंध में भी जानकारी मांगी। श्याम दीवान ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी बातचीत की जानकारी नहीं है।

पीठ ने यह भी गौर किया कि वाद संख्या-17 के वादकारियों द्वारा दायर आवेदन में एक अलग राहत की मांग की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने अंततः यह प्रश्न भी तय कर दिया कि क्या वे भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

वाद संख्या-17 भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से उनके नेक्स्ट फ्रेंड के माध्यम से दायर किया गया है। सुरेंद्र कुमार गुप्ता, महाबीर शर्मा और प्रदीप कुमार श्रीवास्तव भी इस वाद में वादी हैं। इन वादकारियों ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 1 नियम 8 के तहत आवेदन दायर कर भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों की ओर से प्रतिनिधि वाद चलाने की अनुमति मांगी थी।

जुलाई 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आवेदन स्वीकार करते हुए वाद संख्या-17 के वादकारियों को भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दी थी। हाईकोर्ट ने इसी वाद में प्रतिवादियों को मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करने की भी अनुमति दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। पीठ की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि वह प्रतिनिधित्व के मुद्दे को पुनर्विचार के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस भेजने पर विचार कर रही है। ऐसा होने पर हाईकोर्ट को सभी संबंधित पक्षों को नोटिस देकर उनकी बात सुननी होगी और इसके बाद प्रतिनिधि क्षमता के प्रश्न पर नया निर्णय लेना होगा।

कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से संबंधित कुल 18 वाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित हैं। इनमें से 15 वादों को एक साथ जोड़कर सुनवाई की जा रही है, जबकि शेष तीन वादों की अलग-अलग सुनवाई हो रही है।

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