मोटर दुर्घटना मुआवजा: वयस्क संतान भी आश्रित, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला

JUSTICE SANJAY KUMAR JAISWAL, JUDGE HIGH COURT OF CHHATTISGARH

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मृतक के परिजनों को देय मुआवजा ₹1,19,83,455 से घटाकर ₹1,17,67,525 कर दिया। न्यायालय ने कहा कि दुर्घटना में शामिल वाहन, मृतक की आय और आश्रितों को लेकर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के निष्कर्ष सही थे, लेकिन आयकर की गणना और गुणक (Multiplier) के निर्धारण में त्रुटि हुई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल वयस्क होने से संतान आश्रित नहीं मानी जा सकती और मोटर दुर्घटना दावों का निर्णय “संभावनाओं के संतुलन” (Preponderance of Probabilities) के आधार पर किया जाता है, न कि आपराधिक मामलों की तरह संदेह से परे प्रमाण के आधार पर। बीमा कंपनी की अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दावेदारों की मुआवजा बढ़ाने की अपील खारिज कर दी गई।