प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगभग 450 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी और उससे जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब के आठ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले के आधार पर की गई।
ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि बैंक से प्राप्त ऋण राशि को कथित तौर पर फर्जी कंपनियों, एंट्री ऑपरेटरों और संबद्ध संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर उसकी वास्तविक उत्पत्ति छिपाने का प्रयास किया गया। इसके लिए फर्जी बिल, काल्पनिक लेनदेन और एक ही धनराशि को कई कंपनियों के माध्यम से घुमाने जैसी वित्तीय तकनीकों का इस्तेमाल किए जाने के आरोप हैं।
एजेंसी ने बताया कि तलाशी कंपनी के प्रमोटरों, उनसे जुड़ी कंपनियों तथा कथित रूप से इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले व्यक्तियों के परिसरों पर की गई। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच जारी है।
ईडी का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि ऋण की राशि का उपयोग किन-किन संस्थाओं और व्यक्तियों के माध्यम से किया गया तथा कथित धन शोधन के पूरे नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका रही।
