कोण्डागांव में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का वृहद विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, विद्यार्थियों को संवैधानिक अधिकारों और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी

The Rajpatra Law Judgment

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोण्डागांव द्वारा विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को शासकीय आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालय, लंजोड़ा में वृहद विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों, निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल संरक्षण कानूनों तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोण्डागांव श्री खिलावन राम रिगरी के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री गायत्री साय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र भट्ट, विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय देवांगन, शिक्षकगण, अधिकार मित्र रंजन कुमार बैध एवं लोकेश कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें कानून के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, बच्चों के अधिकार, डिजिटल सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रतिधारक अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र भट्ट ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराता है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि शोषण, हिंसा, बाल विवाह, बाल श्रम, साइबर ठगी, ऑनलाइन उत्पीड़न अथवा किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में संबंधित विभागों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता प्राप्त की जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विधिक विषयों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समाधान किया गया। विद्यालय परिवार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, विधिक साक्षरता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।