ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 21 जुलाई को आयोजित होने वाली अपनी वार्षिक शहीद दिवस रैली के लिए अनुमति नहीं मिलने के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। पार्टी ने अपनी याचिका में कोलकाता के विक्टोरिया हाउस के पास पारंपरिक स्थल पर रैली आयोजित करने की अनुमति देने की मांग की है।
कोलकाता पुलिस ने टीएमसी के दोनों गुटों को एस्प्लेनेड क्षेत्र में रैली आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस का कहना है कि इस क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत निषेधाज्ञा लागू है और बड़ी जनसभा से कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
इस मामले पर अगले सप्ताह न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकलपीठ में सुनवाई होने की संभावना है।
21 जुलाई का शहीद दिवस टीएमसी का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम माना जाता है। यह रैली वर्ष 1993 में कोलकाता में प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में आयोजित की जाती है। उस समय ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल युवा कांग्रेस की अध्यक्ष थीं। वर्ष 2011 में राज्य में सत्ता में आने के बाद टीएमसी लगभग हर वर्ष एस्प्लेनेड क्षेत्र में इस रैली का आयोजन करती रही है, जिसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होते हैं।
