अधीनस्थ न्यायपालिका से हाईकोर्ट तक का प्रेरक सफर, न्यायमूर्ति रजनी दुबे आज होंगी सेवानिवृत्त

High Court of Chhattisgarh - Bilaspur

बिलासपुर, 29 जून 2026। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति श्रीमती रजनी दुबे 29 जून 2026 को अधिवर्षिता आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्त हो रही हैं। अधीनस्थ न्यायपालिका से लेकर उच्च न्यायालय तक तीन दशक से अधिक लंबे न्यायिक जीवन में उन्होंने न्यायिक प्रशासन, निष्पक्ष न्याय वितरण और संस्थागत कार्यप्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उन्होंने अपने न्यायिक कार्यकाल में 10 हजार से अधिक निर्णय और न्यायिक आदेश पारित किए हैं।

न्यायमूर्ति रजनी दुबे का जन्म 30 जून 1964 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ। उनके पिता मध्य प्रदेश न्यायपालिका में जिला न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जिससे उन्हें प्रारंभ से ही न्यायिक वातावरण मिला। उन्होंने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से संबद्ध शासकीय डिग्री कॉलेज, मंडला से स्नातक तथा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से विधि स्नातक (एलएल.बी.) की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद 3 जुलाई 1987 को मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और जिला न्यायालयों के साथ-साथ जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में वकालत की।

मई 1990 में सिविल न्यायाधीश के रूप में चयनित होने के बाद उन्होंने न्यायिक सेवा की शुरुआत की। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर में सीबीआई मामलों की विशेष न्यायाधीश, राजनांदगांव परिवार न्यायालय की न्यायाधीश तथा बलौदाबाजार की जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसके अलावा वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में रजिस्ट्रार (सतर्कता) भी रहीं, जहां उन्होंने न्यायिक प्रशासन और संस्थागत निगरानी से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।

उनकी उत्कृष्ट न्यायिक सेवाओं, अनुभव और निष्पक्ष कार्यशैली को देखते हुए 18 जून 2018 को उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। बाद में 11 मई 2020 को उन्होंने उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की।

उच्च न्यायालय में अपने कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति रजनी दुबे ने दीवानी, आपराधिक, सेवा, पारिवारिक और संवैधानिक मामलों सहित विभिन्न विधिक विषयों पर 10 हजार से अधिक निर्णय और आदेश पारित किए। उनके फैसलों ने न्यायिक व्यवस्था में प्रभावी और समयबद्ध न्याय प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

29 जून 2026 को सेवानिवृत्ति के साथ न्यायमूर्ति रजनी दुबे की तीन दशक से अधिक लंबी न्यायिक यात्रा का समापन हो रहा है। उनका कार्यकाल अधीनस्थ न्यायपालिका से लेकर संवैधानिक न्यायालय तक समर्पित, निष्पक्ष और प्रभावी न्यायिक सेवा का एक उल्लेखनीय उदाहरण माना जाएगा।