बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 4 मई 2023 के शिक्षक भर्ती विज्ञापन को उस सीमा तक निरस्त कर दिया है, जिसमें 29 नवंबर 2012 की निरस्त आरक्षण अधिसूचना और उससे जुड़े मॉडल रोस्टर के आधार पर आरक्षण लागू किया गया था। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने 14 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि शिक्षक भर्ती में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए निर्धारित पदों का अनुपात अत्यधिक था। याचिकाओं के अनुसार, ई-कैडर के 1,113 पदों में से 698 पद और टी-कैडर के 4,659 पदों में से 3,105 पद ST वर्ग के लिए आरक्षित किए गए थे।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के 1 मई 2023 के आदेश से भर्ती प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति मिली थी, लेकिन इससे विवादित आरक्षण व्यवस्था को अंतिम वैधता नहीं मिली। अदालत ने पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश नहीं दिया। हालांकि, सभी नियुक्तियां और संबंधित पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। राज्य सरकार को कानून के अनुसार रिक्तियों और आरक्षण रोस्टर की पुनः समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
