कोलकाता/पश्चिम बंगाल: राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence – DRI) ने पश्चिम बंगाल में 8 और 9 अक्टूबर को की गई अलग-अलग कार्रवाइयों में लगभग आठ किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया है। जब्त सोने की कुल कीमत ₹11.5 करोड़ से अधिक बताई गई है। इन मामलों में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। DRI के अनुसार, इन कार्रवाइयों से भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते सोने की कथित तस्करी करने वाले एक संगठित नेटवर्क का पता चला है, जो सड़क और रेल मार्गों का इस्तेमाल कर रहा था।
डानकुनी टोल प्लाजा पर लगभग ₹10 करोड़ का सोना जब्त
DRI की पहली कार्रवाई डानकुनी टोल प्लाजा पर की गई, जहां अधिकारियों ने एक वाहन को रोककर तलाशी ली। इस दौरान 50 सोने की छड़ें बरामद की गईं, जिनका कुल वजन लगभग 6.8 किलोग्राम था। जब्त सोने का अनुमानित मूल्य करीब ₹10 करोड़ बताया गया है। बरामद सोने की कुछ छड़ों पर विदेशी चिह्न भी पाए गए।
DRI के अनुसार, वाहन में सवार लोग सोने के वैध स्रोत और उसके कानूनी अधिग्रहण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया कि सोना बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत लाया गया था। इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई।
मालदा और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर भी कार्रवाई
सोने की तस्करी के खिलाफ दो अन्य कार्रवाइयां मालदा टाउन और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशनों पर की गईं। DRI की टीमों ने ट्रेन से यात्रा कर रहे यात्रियों को रोककर तलाशी ली। इस दौरान उनके कब्जे से एक किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का सोना बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ बताई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित यात्री सोने की वैध खरीद और उसके स्रोत के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन कार्रवाइयों में जब्त सोने और गिरफ्तार व्यक्तियों से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है।
सड़क और रेल मार्गों से तस्करी का संदेह
DRI के अनुसार, लगातार की गई इन कार्रवाइयों से संकेत मिलता है कि भारत-बांग्लादेश सीमा से विदेशी मूल के सोने को देश के भीतर पहुंचाने के लिए सड़क और रेल मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच एजेंसी अब कथित तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों, सोने के वास्तविक स्रोत और इसके परिवहन में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है।
सीमा पार से सोने की अवैध आवाजाही को रोकना राजस्व खुफिया निदेशालय की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। विदेशी मूल के सोने की तस्करी से सीमा शुल्क नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ देश के वैध व्यापार और राजस्व व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
आगे की जांच में किन पहलुओं पर ध्यान रहेगा?
जांच के दौरान जब्त सोने के स्रोत, उसकी खरीद से संबंधित दस्तावेजों, परिवहन के तरीकों और कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का
