बिना नोटिस मकान नहीं तोड़ सकते, अतिक्रमणकारी को भी सुनवाई का अधिकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

JUSTICE AMITENDRA KISHORE PRASAD, JUDGE HIGH COURT OF CHHATTISGARH

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति का मकान भी बिना पूर्व नोटिस और विधिक प्रक्रिया अपनाए नहीं तोड़ा जा सकता। न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद ने राजनांदगांव निवासी नेतराम वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्राम पंचायत को आगे किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ से रोक दिया और कलेक्टर को पट्टा संबंधी लंबित आवेदन पर 60 दिनों के भीतर सुनवाई कर कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि “बिना नोटिस और सुनवाई के की गई तोड़फोड़ पूरी तरह मनमानी और कानून के विरुद्ध है।” यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा In Re: Directions in the Matter of Demolition of Structures मामले में निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप दिया गया।