प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया उप जेल नारायणपुर का औचक निरीक्षण, बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं का लिया जायजा

Principal District Judge Khilawan Ram Rigri inspecting Narayanpur Sub Jail and interacting with prison officials to review inmates' rights and jail facilities.

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष खिलावन राम रिगरी ने उप जेल नारायणपुर का औचक निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं तथा आवासीय व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नारायणपुर जितेंद्र कुमार ठाकुर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गायत्री साय, जेल अधीक्षक संजय कुमार नायक, न्यायालय प्रशासनिक अधिकारी आर.एन. नाग, स्टेनो अभिषेक तिवारी तथा प्रतिधाकर अधिवक्ता चन्द्रप्रकाश कश्यप भी उपस्थित रहे।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बंदियों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का त्वरित और विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

निरीक्षण के दौरान जेल अभिलेखों, बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, मुलाकात रजिस्टर, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों का भी परीक्षण किया गया। प्रधान न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी बंदियों के संवैधानिक एवं मानवाधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने जेल परिसर में स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने, स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने तथा बंदियों के पुनर्वास एवं सुधारात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि न्यायिक निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।