आईटीएटी का बड़ा फैसला: 388 दिन की देरी माफ, शिक्षा संस्थान की आयकर अपील फिर से सुनी जाएगी

Income Tax Appellate Tribunal - ITAT

अहमदाबाद स्थित आयकर अपीलीय अधिकरण (आईटीएटी) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में शैक्षणिक संस्था श्री नाथुभाई सा वजीभाई देसाई कॉलेज ऑफ एजुकेशन की आयकर अपील दाखिल करने में हुई 388 दिन तथा 18 दिन की देरी को माफ करते हुए मामले को दोबारा सुनवाई के लिए आयुक्त (अपील) [CIT(A)] के पास भेज दिया है।

अधिकरण ने कहा कि केवल तकनीकी आधार पर अपील खारिज करना उचित नहीं है, विशेषकर तब जब देरी के पीछे उचित कारण मौजूद हों। पीठ ने पाया कि अपीलकर्ता ने देरी माफी का आवेदन पहले ही दाखिल किया था, लेकिन अपीलीय प्राधिकारी ने उसे नजरअंदाज कर दिया। अधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले Collector, Land Acquisition v. Mst. Katiji का हवाला देते हुए कहा कि “तकनीकी औपचारिकताओं पर न्याय के मूल उद्देश्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।” इसके साथ ही आईटीएटी ने स्पष्ट किया कि मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी गई है और सभी मुद्दों पर अब CIT(A) कानून के अनुसार नए सिरे से फैसला करेगा।