ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज की क्रॉस-वोटिंग मामले में अयोग्यता याचिकाएं, बीजद और कांग्रेस को झटका

Surama Padhy _ Odisha Assembly Speaker

ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाधी ने इस वर्ष मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस-वोटिंग के आरोपों को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस द्वारा दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अध्यक्ष ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाओं में गंभीर प्रक्रियागत खामियां थीं और वे दल-बदल विरोधी कानून के तहत अपेक्षित साक्ष्य मानकों को पूरा नहीं करती थीं।

अध्यक्ष ने कहा कि शिकायतें अस्पष्ट, सामान्य और पर्याप्त प्रमाणों से रहित थीं। साथ ही, याचिकाओं के समर्थन में प्रस्तुत दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विधिवत सत्यापन और प्रमाणीकरण नहीं किया गया था, जिससे उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

बीजद ने राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस-वोटिंग के आरोप में आठ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी, जबकि कांग्रेस ने तीन विधायकों के खिलाफ इसी प्रकार की याचिका दायर की थी। दोनों दलों का आरोप था कि संबंधित विधायकों ने भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़ दी थी।

मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस-वोटिंग के कारण बीजद और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था। विधानसभा में दोनों दलों के संयुक्त संख्याबल के आधार पर उम्मीदवार की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन मतदान के दौरान हुए कथित विचलन ने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया।

विधानसभा अध्यक्ष के इस फैसले को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता याचिकाओं में साक्ष्यों की गुणवत्ता और प्रक्रियागत अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।